धागे वाली मिश्री खाने के फायदे और नुकसान | Dhage Wali Mishri Khane Ke fayde Or Nuksan

मिश्री का नाम सुनते ही मन में भगवान के प्रसाद का ध्यान आ जाता हैं. मिश्री का इस्तेमाल भगवान का भोग लगाने के लिए अधिक किया जाता हैं. लेकिन क्या आप जानते है कि मिश्री सेहत के लिए भी लाभकारी होती हैं. यदि मिश्री धागी वाली हो तो इसके गुणों में और वृद्धि हो जाती हैं. यह शक्कर की तुलना में कम मीठी होती हैं. इसकी विशेषताओं के कारण ही इसका उपयोग रोगों के उपचार और बचाव में कई वर्षो से किया जा हैं. दर्द मुक्ति कि इस पोस्ट के माध्यम से हम धागे वाली मिश्री खाने के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से जानेंगे.

धागे वाली मिश्री खाने के फायदे और नुकसान

धागे वाली मिश्री कैसे बनती हैं ?

इस मिश्री को गन्ने और खजूर के रस से बनाया जाता है , इसे बनाने में किसी भी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नही किया हैं. इसे बनाने के लिए सबसे पहले गन्ने के रस को निकाल कर गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है. इसके बाद इस घोल में मोटे धागे को उल्टा लटकाया जाता हैं. धीरे-धीरे यह घोल अपने आप क्रिस्टल के रूप में बदल जाता है. यह पूरी तरह शुद्ध और प्राकर्तिक होती हैं. इसलिए इसके सेवन के हमें फायदे मिलते हैं.

धागे वाली मिश्री खाने के फायदे – Dhage Wali Mishri Khane Ke Fayde

नकसीर में धागे वाली मिश्री खाए

दोस्तों गर्मियों में हमारे शरीर का तापमान बढ़ जाता हैं.  इस समय छोटे बच्चो में नाक से खून बहने की समस्या कई मामले सामने आते हैं. धागे वाली मिश्री को पानी में घोलकर पिलाने से इस परेशनी में जल्द राहत मिलती हैं. इसके गुण शरीर के तापमान को कम कर अंदर से ठंडा रखने में मदद करते हैं. इससे नकसीर या नाक से खून बहना कम हो जाता हैं.

मुंह से बदबू दूर होती हैं 

कई लोगो के साथ मुंह से दुर्गन्ध आने की समस्या रहती है. जिस वजह से उन्हें शर्मिंदा होना पड़ता हैं. कोई भी उनके पास बैठना पसंद नही करता है. धागी वाली मिश्री का सेवन आपको इस परेशानी से राहत दिला सकता हैं. इसके लिए आप भोजन के बाद सौफ के साथ मिश्री का सेवन करें, आपको लाभ देखने को मिलेगा.

धागे वाली मिश्री के फायदे छाले में 

मुंह के छाले भी हमें कम परेशान नही करते हैं. कभी-कभी यह छाले इतने बढ़ जाते है कि भोजन करना और बोलना भी मुश्किल हो जाता हैं. मुंह के छाले में आप धागे वाली मिश्री का प्रयोग कर सकते हो. इसके लिए धागे वाली मिश्री और कुछ इलायची के दाने को पीसकर पाउडर बना ले. इस पाउडर को ठन्डे पानी के साथ सेवन करें, जल्द राहत मिलेगी.

बवासीर की समस्या में फायदेमंद 

दोस्तों लम्बे समय तक कब्ज होने पर पाईल्स या बवासीर की समस्या होती हैं. यह बीमारी जब अपने चरम पर होती है, तब काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. मरीज का उठना बैठना भी मुश्किल हो जाता हैं. इसका सेवन इस परेशानी में फायदेमंद साबित हो सकता है. मिश्री की तासीर ठंडी होती है, ये गुदा के आसपास के फोड़े को सुखाने में मदद करती हैं. इसके लिए मिश्री का सेवन, दही मिलाकर करें, आपको जरुर लाभ मिलेगा.

आंखों की रोशनी बढ़ती हैं 

धागे वाली मिश्री के फायदे आँखों के लिए भी हैं. घर के बड़े बुजुर्गो का मानना है, इसके गुण आँख से सम्बंधित कई परेशानियों में लाभ पहुँचते हैं. इसके लिए आप इसका सेवन सौफ, बादाम या दूध में मिलाकर पिए. इससे आपकी आँखों की रौशनी में इजाफा होगा.

धागे वाली मिश्री के फायदे जलन में 

हाथ पैरो की जलन को शांत करता हैं, इसका सेवन. गर्मियों के मौसम में शरीर का तापमान बढ़ता और पानी की कमी होती हैं. जिस वजह से हाथ और पैरो में जलन की शिकायत रहती हैं. मिश्री की तासीर ठंडी होती हैं, इस वजह से धागे वाली मिश्री का सेवन हमें जलन से छुटकारा दिलाता हैं.

मोटापे में फायदेमंद है इसका सेवन 

दोस्तों जो भी लोग वजन बढ़ने की समस्या से परेशान है उनके लिए सौफ और मिश्री का पानी का सेवन कारण फायदेमंद माना जाता हैं. इसका रोज सेवन करने से हमें भूख में कमी का अहसास होता ही जिस वजह से हम अधिक भोजन का सेवन करने से बच जाते हैं. मेटाबोलिज्म की दर तेज होती है जिससे अतिरिक्त फैट को बर्न करने में मदद मिलती हैं.

पाचन शक्ति बढ़ती है मिश्री खाने से 

धागे वाली मिश्री खाने के फायदे हमारे पाचन तंत्र को भी मिलते हैं. इसका सौफ के साथ सेवन पाचन क्रिया को बेहतर बनाता हैं. मिश्री में डाइजेस्टिव गुण पाए जाते हैं, जो आपको भोजन को पचाने में सहायता करते हैं. अगर आपको बार-बार खट्टी डकार आती है तो वह भी इसके सेवन करने से दूर की जा सकती हैं. मिश्री और सौफ के पानी से इसमें फायदा मिलता हैं.

आलस को दूर करने में कारगर 

यदि आपको दिन भर आलस आता है और इसकी वजह से आपका किसी भी काम में मन नही लगता हैं. भोजन के पश्चात धागे वाली मिश्री और सौफ का सेवन करिए, आपको आलस आना कम हो जायेगा. मिश्री की मिठास और इसके विशेष गुण आपको एक्टिव रखने में मदद करते हैं.

धागे वाली मिश्री के फायदे एनीमिया में 

शरीर में रक्त की कमी के कारण ऐनीमिया बीमारी होती हैं. इसे को पानी में घोलकर पीने से शरीर में हिमोग्लोबिन के स्तर में सुधार होता हैं. रक्त का प्रवाह ठीक होता हैं. हिमोग्लोबिन बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक दवाइयों में मिश्री का उपयोग किया जाता हैं. इसलिए रोज सुबह खाली पेट धागे वाली मिश्री का सेवन करिए और खून को बढाइये.

मानसिक तनाव कम होता है इसे खाने से 

काम के अधिक लोड, उचित भोजन का सेवन न करना और पर्याप्त नींद न लेने के कारण मानसिक तनाव बढता हैं. धागे वाली मिश्री और सौफ आपके दिमाग को शांत करने में सहायक साबित हो सकती हैं. इसके गुण हमारे शरीर में ख़ुशी वाले हार्मोन को उत्तेजित करने में मदद करते हैं. इसलिए इसे खाने के पश्चात हमें अच्छा अनुभव होता हैं.

धागे वाली मिश्री खाने के नुकसान – Dhage Wali Mishri Khane Ke Nuksan

जैसा की आपने उपर पढ़ा की धागे वाली मिसरी खाना हमारे लिए फायदेमंद हैं. लेकिन किसी खाद्य पदार्थ अधिक सेवन हमें नुकसान पहुंचा सकता हैं. उसी प्रकार अतिसेवन से धागे वाली मिश्री के नुकसान भी  हो सकते हैं.

  1. मिश्री का सेवन पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, लेकिन अधिक सेवन से पाचन क्रिया गड़बड़ा सकती हैं.
  2. सर्दी-जुखाम में इसका सेवन न ही करे तो अच्छा होगा, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती हैं.
  3. डाईबिटिज के मरीज धागे वाली मिश्री का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर का परामर्श जरुर ले.

दोस्तों दर्द मुक्ति की इस पोस्ट के माध्यम से आपने ये अच्छे से जान लिया होगा की धागे वाली मिश्री खाने के फायदे और नुकसान क्या हैं. कब हमें इसे खाने में सावधनिया रखनी चाहिये. उम्मीद करते है उपर बताई गयी यह समस्त जानकारी आपके काम में आएगी. आप चाहे तो इसे अपने मित्रों और परिवार के लोगो के साथ भी शेयर कर सकते हो ताकि वह भी इसे पढ़कर लाभ उठा सके. धन्यवाद

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