ग्वार फली की सब्जी खाने के 9 बड़े फायदे और कुछ नुकसान | Gwarfali ki sabji khane ke fayde or nuksan

Gwarfali khane ke fayde or nuksan in hindi: हरी सब्जियां स्वादिस्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्य की द्रष्टि से भी फायदेमंद होती हैं. ऐसी ही एक तरकारी ग्वार फली हैं. ग्वारफली को अंग्रेजी में Guar Gum (Cluster Beans) कहते हैं. यह फली लेगुमिनोसे (Leguminose) परिवार से संबंधित हैं. ग्वारफली का वानस्पतिक नाम सिआमोप्सिस टेट्रागोनोलोबा (Cyamopsis tetragonolobus) हैं. ग्वार फली का उपयोग केवल सब्जी बनाने में ही नही किया जाता, बल्कि इसके औषधीय गुणों के कारण यह फली कई प्रकार के रोगों से लड़ने और बचाव में भी मददगार होती हैं. दर्द मुक्ति के इस लेख में हम ग्वारफली की सब्जी खाने के फायदे, पोषकतत्व और नुकसान के बारे जानेंगे.

gwar fali ki sabji khane ke fayde or nuksan in hindi

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ग्वारफली के पोष्टिक तत्व – Gwarfali Me Kya Paya Jata Hain (In Hindi)

हरे रंग की यह स्वादिष्ट फली कई प्रकार के खनिज तत्त्व और विटामिन से भरपूर होती हैं| ग्वारफली में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, मोनो सैचुरेटेड फेटी एसिड, सोडियम, सैचुरेटेड फेटी एसिड, आयरन, फाइबर होता हैं. इससे उर्जा भी उच्च मात्रा में मिलती हैं.

ग्वारफली की सब्जी खाने के फायदे – Gawarfali Ki Sabji Khane ke Fayde In Hindi

ग्वारफली में पाए जाने वाले पोष्टिक गुणों के कारण ही इसके फायदे हमें मिलते हैं. चलिए नीचे विस्तार से जानते हैं, ग्वार फली की सब्जी खाने के फायदे –

मधुमेह में ग्वारफली की सब्जी खाने के फायदे

खून में शर्करा का स्तर बढ़ जाने से माधुमेह की समस्या होती हैं।  ग्वारफली की सब्जी का सेवन इस बीमारी के लक्षणों को कम करने में मददगार साबित हो सकता हैं। इस फली में फाइबर उच्च मात्रा में होता हैं, जो रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ने से रोकने में सहायता करता हैं। यही कारण हैं कि मधुमेह के रोगियो को कम से कम सप्ताह में 2 से 3 बार ग्वारफली की सब्जी जरुर खाना चाहिए।

हृदय के अच्छे स्वास्थ्य के लाभकारी यह फली

दिल से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में ग्वारफली फायदेमंद हो सकती हैं। इसमे फाइबर, पोटेशियम, फोलेट अच्छी मात्रा में होता हैं। जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता हैं। ज्यादातर हृदय संबंधी बीमारियां शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर बढ़ने से होती है। इसलिए ग्वारफली की सब्जी को अपने भोजन में शामिल करने से हार्ट अटैक और अन्य हृदय संबंधी समस्याओ से बचाव संभव हैं।

ग्वारफली की सब्जी के लाभ पाचन तंत्र के लिए

ग्वारफली के सेवन से पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती हैं।  इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है । जिस कारण इसके सेवन से कब्ज गैस अपच एसिडिटी की समस्याओ को दूर करने में मदद मिल सकती हैं। आंत संबंधी विकारों को दूर करने में भी ग्वारफली की सब्जी का सेवन फायदेमंद माना गया हैं।

कैंसर में ग्वारफली की सब्जी खाने के फायदे

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव में भी ग्वारफली फायदेमंद साबित हो सकती है। इसमे फ्लेवोनोइड्स एवं केंपफेरोल की मात्रा होती हैं। ये दोनों ही हमारी बॉडी में कैंसर कोशिकाओं के पैदा होने से रोकती हैं। इसलिए ग्वार फली की सब्जी का सेवन सप्ताह में दो से तीन बार करने से आंत के कैंसर होने के खतरे को कम किया जा सकता हैं।

एनीमिया में ग्वारफली की तरकारी खाने के फायदे

शरीर में खून की कमी होने पर एनीमिया रोग होने का खतरा रहता है। छोटे बच्चे और महिलाओं में यह समस्या अक्सर देखी जाती है। इस समस्या में ग्वारफली की सब्जी खाना लाभप्रद साबित हो सकता हैं।  ग्वारफली आयरन में आयरन भरपूर मात्रा में होता हैं। यह शरीर में हीमोग्लोबिन की स्तर को बनाए रखने में मदद करता हैं। यही कारण है कि इसके नियमित सेवन से शरीर मे खून की कमी को दूर किया जा सकता है।

हड्डियों के विकास में सहायक हैं गवार फली

हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए ग्वारफली की सब्जी खाना फायदेमंद हो सकता हैं। इसमें कैल्शियम और फास्फोरस अच्छी मात्रा में पाया जाता हैं। ये दोनों ही हड्डियों के विकास के लिए जरूरी होते हैं। ग्वारफली की सब्जी को अपने आहार में शामिल करने से ऑस्टियोपोरोसिस ( हड्डियों से संबंधित बीमारी) से बचाव किया जा सकता हैं।

मस्तिष्क के लिए ग्वारफली की साग खाने फायदे

मस्तिष्क के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ग्वारफली बेहद फायदेमंद हो सकती हैं। ग्वार फली में पाए जाने वाले पौष्टिक गुण हमारे दिमाग की तंत्रिकाओं को तनाव मुक्त रखने में मदद करते हैं।  इसके अलावा इसके सेवन से हमारी याददाश्त भी तेज होती हैं।

शरीर के बढ़ते वजन को कम करने में सहायक

बढ़ता वजन आगे चलकर कई बीमरियों का कारण बनता हैं. जिसमे कोलेस्ट्रोल, शुगर, ब्लड प्रेशर और हार्ट से संबंधित समस्याए होने का खतरा बढ़ जाता हैं. ऐसे में ग्वारफली का सब्जी का सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता हैं. इसमें मौजूद फाइबर बढ़ते मोटापे को नियंत्रित करने में मददगार होता हैं. ग्वार फली की सब्जी खाने के बाद अधिक भूख लगने की समस्या भी नही होती हैं. इस कारण हम अत्यधिक भोजन करने से भी बच जाते हैं.

रक्त परिसंचरण में ग्वारफली की सब्जी के फायदे

रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाने में ग्वारफली की सब्जी खाने के फायदे मिल सकते हैं।  ग्वारफली की सब्जी का सेवन  करने से रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ने लगता है,  इससे रक्त में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का संचालन होता हैं।  इसके अलावा इसके सेवन से रक्त से संबंधित विकारों को दूर करने में मदद मिलती है।

ग्वारफली खाने का तरीका (उपयोग) – Gwarfali Khane ka Tarika (Upyog)

ग्वार फली की आप अलग-2 प्रकार की रेसीपी बनाकर खा सकते हैं-

  1. इस फली को आप आलू के साथ सूखी सब्जी बनाकर खा सकते हैं.
  2. ग्वारफली और छाछ से आप कड़ी बनाकर सेवन कर सकते हैं.
  3. ग्वारफली को आप कच्चा सलाद के रूप में खा सकते हैं.
  4. ग्लूटेन फ्री ब्रेड बनाने में भी ग्वारफली के पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता हैं.
  5. ग्वारफली को पानी में नमक डालकर उबालकर खा सकते हैं.
  6. इस फली को तेल में तलकर स्नैक्स की तरह खा सकते हैं.
  7. ग्वारफली और बेसन के पकोड़े बनाकर आप खा सकते हैं.

ग्वारफली खाने की सही मात्रा और समय – Gwarfali Khane Ki Sahi Matra or Samay In Hindi

रोजाना आप 30 ग्राम ग्वार फली(Guvar) को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं. यदि आपको को कोई शारीरिक समस्या हैं, तो ग्वार फली की सही मात्रा के बारे में आप अपने डॉक्टर से राय ले सकते हैं. ग्वार फली का सेवन आप सुबह, शाम, दोपहर किसी भी समय कर सकते हो और बेहतर लाभ पाने के लिए अपने चिकित्सक की सलाह ले सकते हो.

ग्वारफली की सब्जी खाने के नुकसान – Gwarfali Ki Sabji Khane Ke Nuksan In Hindi

ग्वारफली की सब्जी सेवन करने के हमें लाभ अधिक और नुकसान कम ही देखने को मिलते हैं. लेकिन किसी भी खाद्य पदार्थ का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक ही होता हैं. तो चलिए नीचे जानते है- ग्वारफली की सब्जी खाने के क्या-क्या नुकसान (Gwarfali khane ke fayde or nuksan in hindi) देखने को मिल सकते हैं –

  1. ग्वार फली की संब्जी का बहुत अधिक सेवन करने से पेट से संबंधित समस्याए  हो सकती हैं. इसमें फाइबर की उच्च मात्रा होती हैं. फाइबर युक्त भोजन पेट में गैस, कब्ज, सुजन, दर्द को उत्पन्न कर सकता हैं.
  2. इसका अत्यधिक सेवन उल्टी, दस्त का कारण बन सकता हैं.
  3. कुछ लोगो में ग्वारफली (kothavara) के सेवन के बाद एलर्जी की समस्या हो सकती है. यदि ऐसा होता है, तो डॉक्टर से संपर्क करे.
  4. ग्वारफली की सब्जी के अति सेवन से कफ की शिकायत हो सकती हैं, क्यों कि इसकी तासीर ठंडी होती हैं.
  5. गंभीर बीमारी के लिए आप दवाइयों ले रहे तो, इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं.

दर्द मुक्ति के इस लेख में हमने जाना कि ग्वार फली की सब्जी खाने के क्या-क्या फायदे हमें मिल सकते हैं. इसके अलावा हमने ग्वार फली के पौषक तत्त्व, खाने के तरीके और इसे खाने के कुछ नुकसान के बारे में भी हमने विस्तार से पढ़ा. उम्मीद करते हैं आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी. आप अपने दोस्तों और प्रियजनों से यह जानकारी जरुर शेयर कीजियेगा.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:-

Q.ग्वारफली की तासीर कैसी होती हैं?

A.ग्वार फली की तासीर ठंडी होती हैं. इसका सेवन गर्मियों में अधिक किया जाता हैं.

Q.ग्वारफली की पंजाबी में क्या बोलते हैं?

A.ग्वारफली को पंजाबी में कुलटी (Kulti) बोला जाता हैं.

Q.गुजराती में ग्वारफली को क्या बोला जाता हैं?

A.गुजरती में ग्वारफली को गवार की फली (Gavar ki phali) बोला जाता हैं.

Q.क्या बच्चो को ग्वारफली खिला सकते हैं?

A.हाँ, बच्चो को संतुलत मात्रा में ग्वार फली खाने के लिए दी जा सकती हैं.

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